एशियाई खेलों में भारतीय DOTA 2 टीम का संघर्ष: दो हार के साथ शुरुआत, ई-स्पोर्ट्स में अंतरराष्ट्रीय चुनौती
19वें एशियन गेम्स में भारतीय DOTA 2 टीम ने शुरुआती दो मैचों में किर्गिस्तान और फिलीपींस से हार का सामना किया।

19वें एशियन गेम्स में ई-स्पोर्ट्स को पहली बार शामिल किए जाने के ऐतिहासिक मौके पर भारतीय DOTA 2 टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। चीन के हांगझोउ में चल रहे इस विशाल खेल महाकुंभ में भारत को पहले मैच में किर्गिस्तान ने 0-1 से और दूसरे मैच में फिलीपींस ने हराया। यह ई-स्पोर्ट्स के क्षेत्र में भारत की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बड़ी भागीदारी थी।
मैच विश्लेषण: कहाँ चूकी भारतीय टीम?
DOTA 2 के ग्रुप स्टेज मैचों में भारतीय टीम ने पहला मुकाबला किर्गिस्तान के खिलाफ खेला। यह मैच भारत के लिए निराशाजनक रहा और उन्हें 0-1 से हार का सामना करना पड़ा। दूसरे मैच में फिलीपींस के खिलाफ भारतीय खिलाड़ी अपना प्रदर्शन सुधार नहीं पाए और एक और हार झेलनी पड़ी। दोनों मैचों में भारतीय टीम को रणनीतिक तौर पर मजबूत प्रतिद्वंद्वियों का सामना करना पड़ा।
एशियाड में ई-स्पोर्ट्स का ऐतिहासिक पहलू
एशियाई खेलों के 72 साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब ई-स्पोर्ट्स को आधिकारिक तौर पर मेडल इवेंट के रूप में शामिल किया गया है। DOTA 2 के अलावा इस श्रेणी में फीफा और लीग ऑफ लेजेंड्स जैसे लोकप्रिय गेम्स भी शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने 2024 के पेरिस ओलंपिक में ई-स्पोर्ट्स को शामिल करने पर विचार किया था, लेकिन एशियाई खेलों ने इसे पहले लागू कर दिया है।
भारतीय टीम के समक्ष चुनौतियाँ
भारतीय DOTA 2 टीम के लिए यह टूर्नामेंट कई मायनों में चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव की कमी, मजबूत प्रतिद्वंद्वियों का दबाव और नए माहौल में एडजस्ट करने में दिक्कतें प्रमुख कारण रहे। भारत में ई-स्पोर्ट्स का इकोसिस्टम अभी विकासशील चरण में है, जबकि चीन, दक्षिण कोरिया और फिलीपींस जैसे देशों में यह एक स्थापित खेल बन चुका है।
ई-स्पोर्ट्स के साथ भारत का समग्र प्रदर्शन
ई-स्पोर्ट्स में निराशाजनक प्रदर्शन के बावजूद भारत ने एशियन गेम्स के छठे दिन शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं। भारतीय खिलाड़ियों ने 2 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज सहित कुल 8 मेडल जीते हैं। शूटिंग में पलक और ऐश्वर्य प्रताप सिंह, टेनिस में रामकुमार रामनाथन-साकेत माइनेनी जोड़ी, स्क्वॉश में महिला टीम और बैडमिंटन में पुरुष टीम ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
भविष्य की रणनीति और संभावनाएं
DOTA 2 में भारत के प्रदर्शन से यह स्पष्ट होता है कि ई-स्पोर्ट्स के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए भारत को अभी लंबा सफर तय करना है। इस अनुभव से सीख लेते हुए भारतीय खिलाड़ियों को अपने कौशल को और निखारने की आवश्यकता है। सरकार और निजी संस्थानों को ई-स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर विशेष ध्यान देना होगा। एशियाड में ई-स्पोर्ट्स के शामिल होने से इस क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में भारत बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर सकता है।
अन्य खेलों में भारत की उपलब्धियां
शूटिंग में भारत ने 10 मीटर एयर पिस्टल और 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन में कुल 5 मेडल जीते। बॉक्सिंग में निखत जरीन ने सेमीफाइनल में प्रवेश करने के साथ ही पेरिस ओलंपिक 2024 का कोटा भी हासिल किया। एथलेटिक्स में किरण बालियान ने शॉटपुट में ब्रॉन्ज मेडल जीता, जबकि बैडमिंटन में पुरुष टीम ने 37 साल बाद एशियाड मेडल पक्का किया। हॉकी में महिला टीम ने मलेशिया को 6-0 से हराया, जबकि टेबल टेनिस में अयहिका-सुतिर्था जोड़ी क्वार्टरफाइनल में पहुंची।


